*शुभ हरेला*
"""""""""""""""""""
उत्तराखंड में हरेला एक लोकप्रिय लोक त्योहार है। जिसे श्रावण मास की संगरान्त (संक्रांति) को मनाया जाता है। इस त्योहार को हरियाली के आगमन,घर की सुख-समृद्धि व भगवान शिव से जोड़कर देखा जाता है। श्रावण मास की संगरात से 9 दिन पहले अर्थात अषाढ महीने में एक टोकरी में,घर के अंदर किसी कोने में पाँच या सात अनाजों जिसमें गेहूँ,जौं,मक्का,भट्ट,सरसों,धान आदि को बोया जाता है। जिसकी प्रतिदिन पूजा कर जल चढाया जाता है। अंधेरे में रखने के कारण इसका रंग पीला पड. जाता है। दसवे दिन श्रावण मास की संगराद को इसे काटकर सर्वप्रथम भगवान उसमें भी क्षेत्रपाल (भूमिया) देवता को ताकि धरती में कृषि उपज की अच्छी पैदावार होवे फिर घर के सदस्यों को चढाया जाता है। इस दिन घर के बडे बुजुर्ग अपने बच्चों,नाती,पोतों को हरेला पूजते हुए उनके सिर और कान में हरेला रखते हैं, साथ ही यह आशीष भी देते हैं-लाग हर्याव,लाग बगाव,यौ दिन मास भेटनै रया,जी रया,जागी रया,बची रया,स्यावेकि जै बुद्धि,शेरक जै तराण पाया दआदि।
इस अवसर पर आपको हरेले की अनंत शुभकामनाएं,बधाई।
JANTA KA MANCH JANTA KE LIYE यहाँ आप साहित्य सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाओं पर आलेख प्राप्त कर सकते है । यहाँ पर आप कक्षा 9,10,11 एवं 12 के हिन्दी विषय के बहुविकल्पी पर अभ्यास कर सकते है | हिन्दी विषय से TGT,PGT की तैयारी में विशेष रूप से उपयोगी |
रविवार, जुलाई 16, 2017
हरेला
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
हिन्दी ओलंपियाड की कक्षा 8 की अभ्यास पुस्तिका
अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड कक्षा-8 अभ्यास प्रश्न अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड कक्षा-8: महत्वपूर...
-
बीट रिपोर्टिंग · किसी खास क्षेत्र या विषय (बीट) से जुड़ी सामान्य खबरें। · संवाददाता को उस क्षेत्र की बुनियादी जानकारी होनी चाह...
-
कहानी और नाटक में समानता (प्रतिदर्श प्रश्न पत्र 2024-25) कथानक और घटनाक्रम: दोनों ही में एक केंद्रीय कहानी होती है जो विभिन्न घटनाओं से जुड...
-
हिंदी व्याकरण इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी हिंदी व्याकरण और बोध: इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तरी नमस...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें