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रविवार, नवंबर 10, 2019

संतान शिक्षा भत्ता children education allowance




1 सभी केन्द्रीय कर्मचारी चाहे वह प्रति नियुक्ति पर आया हो या विभाग का  हो या
 प्रतिनियुक्ति पर गया हो |(अगर प्रतिनियुक्ति की शर्तों में इस तरह का प्रावधान बनाया गया हो |)
संतान से तात्पर्य – चाहे वह सौतेली हो या गोद(क़ानूनी )ली गयी हो मतलब जो कर्मचारी  पर आश्रित हो परन्तु आयु 20 वर्ष ज्यादा न हो या कक्षा 12 पास न हो  | विकलांग के मामले में अधिकत्तम 22 वर्ष है | न्यूनतम आयु सीमा कुछ नही है |
कक्षा 1 से पूर्व 2 साल तक भी मिलेगा|नर्सरी कक्षा में मिलेगा 
कक्षा 10वीं के बाद पालीटेक्निक/आई.टी.आई /इंजीनियरिंग कालेज से डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट कोर्स के लिए २ वर्ष तक मिलेगा |
बच्चा पढ़ रहा तो भत्ता किसी भी स्थिति में न रोका जाये | चाहे तो बच्चा फेल भी हुआ हो 
अधिकतम संख्या- 31/12/2087 तक जन्मे बच्चों के मामले में 3 से अधिक न हो |उसके बाद
जन्मे बच्चों के मामले में यह 2 बच्चों तक परन्तु अगर दूसरी संतान जुड़वाँ हुयी हो या
परिवार नियोजन के स्थाई उपाय के असफल होने पर (जो पहली संतान उत्तपन्न )तो दो     से ज्यादा संतान पर भी भत्ता मिलेगा |
भत्ता- 01/07/2017 से प्रभावी संतान शिक्षा भत्ता कितना हो |
संतान शिक्षा भत्ता 2250रू एवं विकलांग बच्चे के लिए 4500रू है| ( स्व-सत्यापित या संस्था के प्रमुख के प्रमाणित रसीद की आवश्यकता नही )
छात्रावास सब्सिडी – 6750रू ( इस में व्यय राशि का विवरण देना आवश्यक है|यह संस्था के द्वारा दिया जाएँ या स्वप्रमाणित अंक पत्र एवं भुगतान की रसीद )
जिस संस्था में बच्चा पढ़ता हो उस क्षेत्र के शिक्षा अधिकारी से मान्यता प्राप्त हो |भले ही सरकारी सहायता प्राप्त हो या नही |
अगर बच्चा किसी कक्षा को पास कर लेता है परन्तु पुनः उसी कक्षा में प्रवेश लिया जाता तो शिक्षा भत्ता नहीं मिलेगा |
बच्चा को अगर सत्र के मध्य में प्रवेश दिलाया जाता है तो उसे सी.ई.ए.नही मिलेगा |
पत्राचार या दूरस्थ शिक्षा द्वारा शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों के लिए भी संतान शिक्षा भत्ता स्वीकार्य है |
छात्रावास भत्ता तभी मिलेगा जब दूरी 50 कि.मी से अधिक हो एवं आवासीय स्कूल या संस्था में  बच्चा रहता हो |  
नेपाल एवं भूटान के वें नागरिक जो भारत में केंद्रीय सरकार के अधीन कार्य कर रहें है, परन्तु बच्चें अपने मूल निवास स्थान में पढ़ रहें है तो सी.ई.ए.के हक़दार होगे | परन्तु उन्हें भरतीय दूतावास से इसका प्रमाण प्रस्तुत करना हो गा की ,शिक्षणसंस्थान स्थानीय शिक्षा अधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त है  
कर्मचारी छुट्टी पर है या निलम्बित है तो सी.ई.ए. का हक़दार होगा |
अगर कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया हो तो उस सत्र के लिए बर्खास्त किये गयें स्थान से सी.ई.ए. प्राप्त करेगा |
सी.ई.ए. एवं छात्रावास सब्सिडी एक साथ ली जा सकती है |
डे बोर्डिंग के मामलों में छात्रावास भत्ता नहीं मिलेगा |    

शनिवार, नवंबर 09, 2019

पिट्स इण्डिया एक्ट


रेगुलेटिंग एक्ट 1773 की कमियों को दूर करने के लिए एक्ट ऑफ सैटलमेंट 1781 पारित किया गया |उसके बाद 1784 में पिट्स इण्डिया एक्ट पारित किया गया | इस एक्ट की महत्वपूर्ण विशेषता इस प्रकार है |
कंपनी के राजनैतिक और वाणिज्यिक कार्यो को पृथक किया गया |कंपनी के राजनैतिक मामलों पर नियंत्रण के लिए नियत्रण बोर्ड ( बोर्ड ऑफ कंट्रोल) नाम से एक निकाय का गठन किया गया | इस प्रकार से  द्वैध शासन की व्यवस्था का आरम्भ किया है |
पहली बार कम्पनी के अधीन के क्षेत्र को ब्रिटिश आधिपत्य का क्षेत्र कहा गया |
ब्रिटिश सरकार में कम्पनी के कार्यों और इसके प्रशासन पर पूर्ण नियंत्रण प्रदान किया गया |यह  नियंत्रण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से किया गया | नियंत्रण बोर्ड भारत के सभी नागरिक सैन्य सरकार व् राजस्व गतिविधियों पर नियंत्रण करें |
  



शनिवार, नवंबर 02, 2019

केंद्रीय सूचना आयोग


संविधान के  अनुच्छेद 19 के अंतर्गत प्राप्त बोलने के अधिकार में सूचना का अधिकार अंतर्निहित है । इस बात को सर्वोच्च न्यायालय ने अनेको बार अपने निर्णयों से सिद्ध किया है। उसके अलावा अनेको जनआंदोलों के द्वारा बेहतर लोकतंत्र के लिए सूचना के अधिकार की माँग जनता के द्वारा की जाती रही है। इन सब प्रयासों से बाध्य होकर  सरकार को जन सूचना अधिकार  अधिनियम 2005 लाया जिसे दोनों सदनों की मंजूरी के बाद 15 जून 2005 को राष्ट्रपति  महोदय ने भी अपनी मंजूरी दे दी इस तरह 12 अक्टूबर 2005 को यह कानून देश भर में लागू हो गया |इसी अधिनियम के तहत केंद्रीय सूचना आयोग एवं राज्य सूचना आयोगों का गठन किया गया | सूचना आयोग का गठन शासकीय राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से की गयी थी,इस कारण यह एक उच्च प्राधिकार युक्त निकाय है न की संवैधानिक निकाय | यह कार्मिक मंत्रालय के अंतर्गत आता है |

सुचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सहित 11 आयुक्त होते है ,जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक समिति की सिफारिश पर की जाती है | इस समिति में प्रधानमंत्री के अलावा लोकसभा में विपक्ष का नेता और प्रधानमंत्री द्वारा मनोनीत एक कैबिनेट मंत्री | 

मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सूचना आयुक्त बनने के लिए योग्यता मुख्यतः यह है कि-

 वह सार्वजनिक जीवन का पर्याप्त अनुभव रखता हो तथा उसे विधि,विज्ञान सामाजिक जीवन का अनुभव हो वह संसद एवं किसी राज्य विधानमंडल का सदस्य न हो|

उसे किसी भी राजनैतिक दल से जुड़ा नहीं होना चाहियें |

कार्यकाल - मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सूचना आयुक्त का कार्यकाल 25 जुलाई 2019  से पहले 5 वर्ष एवं 65 वर्ष की आयु जो पहले हो थी परन्तु 25 जुलाई 2019 ( सूचना अधिकार  संसोधन अधिनियम 2019) के बाद कार्यकाल निर्धारण का अधिकार केंद्र सरकार को दे दिया  गया जिसका कुछ लोगो के द्वारा विरोध किया जा रहा है
पहले वेतन और भत्ते मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समान मुख्य सुचना आयुक्त के थे एवं अन्य आयुक्तों के भत्ते  अन्य निर्वाचन आयुक्तों के समान ही थे | परन्तु सूचना अधिकार संसोधन अधिनियम 2019 के द्वारा अब इसका निर्धारण केन्द्र सरकार को करना है |
(सूचना अधिकार  संसोधन अधिनियम 2019 का विपक्षी दलों एवं कुछ सामाजिक कार्यकता विरोध कर रहे है कि सरकार सूचना आयोग को कमजोर कर रही है जबकि सरकार का कहना है कि  वह केवल वेतन भत्ते एवं कार्यकाल में संशोधन कर रही है जिसके कारण इसकी स्वायत्ता कम नहीं होगी |)

कार्य --- अगर लोक प्राधिकारी के द्वारा अधोलिखित कार्यवाही की गयी होतो उस मामले को केंद्रीय सूचना आयोग के संज्ञान में लाया जाता है |--
1 सूचना देने से मना कर दिया गया हो या गलत जानकारी दी गयी हो
2 जानकारी निर्धारित समय में प्राप्त न हुई हो
3 अगर किसी को लगता है कि सूचना के एवज में मांगी गयी फीस मनमाने ढंग से मांगी गयी है अर्थात प्रार्थना कर्ता को हतोत्साहित करने के लिए किया हो |

शक्तियां--  जाँच के समय आयोग को दीवानी न्यायालय की शक्तियां प्राप्त है किसी भी लोक प्राधिकारी को आयोग में बुलाना ,दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के लिए आदेश देना एवं उसकी जाँच करना |

किसी न्यायालय या कार्यालय से सार्वजानिक दस्तावेज़ को मंगाना |
अगर आयोग को लगता है कि लोक प्राधिकारी ने जानबूझ कर गलत  सूचना  दी है या सूचना को छुपाया है तो उस लोकप्राधिकारी पर 250 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थ दण्ड लगा सकता है जो अधिकत्तम 25 हजार रूपये तक हो सकता है |

रविवार, जुलाई 17, 2016

Explanation for unsatisfactory result in Mathematics ofAISSCE – regarding


To          
Principal

               

Sub         : Explanation for unsatisfactory result in Mathematics ofAISSCE- – regarding

Ref          :
Respected Sir,                                                                                                                                                  

                With reference to the subject quoted above, I ____________ earnestly submit that :-

·                      The AISSCE-2016 (Mathematics ) result of the students of SCHOOL  below the expectations both qualitatively & quantitatively, which is equally shocking to me being the subject teacher as ------- students could not pass in the said subject.
·          It has become disappointing on my part too; not getting the desired results, despite putting sincere efforts to include the following, round the academic year and leaving no stone unturned to deliver my best to my students using techniques and technology, as well.
·          I had completed the syllabus in time with quantity and quality and gave proper revision after completion of syllabus.


§   Besides, I also had taken classes of these students in the month of March       just before the final Maths examination) and revised all the basic concept & formulas of the syllabus.
§   I had provided the students 5 sets of solved Question papers based on CBSE pattern and make them practice well in the classes.
§   I had provided them the study material, received from   prepared by  school he subject expert in the winter special classes)
§   I was continuously in touch with the concerned parents to know about the progress of their ward and had narrated them to come forward any time in case of any problem with regard to my subject.
§   These students were also referred to the Counsellor appointed in the Vidyalaya for necessary counseling and motivation.
§   I had taught  these students  specific 51 marks syllabus provided  , two to three times before final  examination.
§   I had also conducted test time to time for preparation of the syllabus.
§   I personally telephoned/called the students & their parents for ensuring their regular attendance in the Vidyalaya.
§   I had provided model lesson plan CDs provided
§   I also had provided them extra assignments, HOTS Questions, CBSE previous years Question Papers, Study material  to the bright students which yielded fruitful results as (i) -------  and  ------- secured 95 each in Final Exam.

§   Although I made best efforts to produce 100% results even then following points may be the cause of poor results:
·          The overall question paper of Maths was difficult for an average students from the last few years papers. As a result of which these students could not passed.Sir, you will agree that this was amongst the burning issues in the media too.
§   I didi not get the right support from students & parents.
§   These students were not regular to attend the remedial classes.
§        ------------- have some Medical problem, that affected the their results.


·       I always have dedicated my self towards my duties in the Vidyalaya and have put in best efforts for the best results, but for the  last year’s resultwhich probably was a faux pass, for which, as a teacher feel sorry with assurance of even working harder in future to produce 100% qualitative and quantitative result of my students.Sir, I would also like to urge for your kind guidance in this regard from time to time.

                The above is submitted for kind perusal.

Thanking you.




Yours faithfully,



विद्यार्थी के फेल होने पर मेमो मिलने पर उसके जबाब का नमूना


सेवा में
प्राचार्य
   म्भ्ह्हक्झक्झ्ह (ज्झ्झ)
विषय –

महोदय
सविनय निवेदन है कि उपरोक्त विषय के संदर्भ में ,मैं _________________ अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करता हूँ , जो कि निम्नलिखित बिन्दुओं से स्पष्ट किया जा रहा है :
    1  श्रीमान  यह सत्य है कि इस वर्ष एक विद्यार्थी दुर्भाग्य से  फेल हो गया है जिसका मुझे खेद है | पर प्रार्थी के द्वारा विद्यार्थी और विद्यालय के हित में जो भी संभव हो सका उसका पूरा प्रयास किया गया जिसके फलस्वरूप हिन्दी विषय के परिणाम में गुणात्मक सुधार हुआ है | प्रत्येक मास पढ़ाये व पूर्ण किये  गए पाठ्यक्रम से बच्चों के लिए क्लास टेस्ट का आयोजन नियमित रूप से किया जाता था , ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढे व छात्रों में व्याप्त  बोर्ड परीक्षा का भय दूर हो सके और बच्चे हिन्दी की बोर्ड परीक्षा में उत्तम परिणाम सुनिश्चित करें | महोदय क्लास टेस्ट में बोर्ड परीक्षा के प्रश्नों पर ही  निरंतर अभ्यास  करवाया जाता  था, जिसके परिणाम स्वरुप ही हिन्दी की  बोर्ड परीक्षा में 90 या 90 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों कि संख्या 5 है व 80 या 80 से 89 अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की  सख्या 6 है|
२. महोदय प्रत्येक मास होने वाली अभिभावक अध्यापक बैठक (PTM) में अभिभावकों को छात्रों के परीक्षा परिणाम व  उपस्थिति से निरंतर  अवगत  करवाया जाता था | अभिभावकों से  विद्यार्थी के कमजोर पहलुयो के सुधार पर चर्चा कि जाती थी एवं उनसे बच्चों पर ध्यानदेने कोकहागया|
3  कक्षा परीक्षा एवं प्री बोर्ड के बाद जिन विद्यार्थीयों का परिणाम अच्छा  नहीं था,उनकेलिए छुट्टी के बाद अतिरिक्त कक्षा का आयोजननियमित रूप से कियागया इसमें भी बोर्डपरीक्षा के 10 वर्ष के प्रश्न पत्र को हल करवाया गया|
4.महोदय_____________________तकपूरापाठ्यक्रमसमाप्तकरकेसभीविद्यार्थीयोंको 10 प्रतिदर्श प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाया गया  , जिनमे से पांच सेट उनको हल भी करवाया गया| जिससे उनके परिणाम में गुणात्मक सुधार हो सके |
5कई बार आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थी के घर पर जाकर भी संपर्क किया गया और उनकेघरवालोउसके अच्छेपरिणामकेलिएप्रयास करने हेतु  प्रेरित किया गया| इसी के परिणाम स्वरुप कई विद्यार्थी जिनका प्री बोर्ड में 50 से कम अंक था उनका अंक बोर्ड परीक्षा में 80 ऊपर अंक आया |
6 . प्री - बोर्ड परीक्षा परिणाम के उपरांत मैंने नियमित रूप से हिन्दी विषय की ब्लॉक पीरियड्स में अध्यापन का कार्य किया ताकि हिन्दी में कमजोर छात्रों के अच्छे अंक आ सके और बोर्ड की परीक्षा परिणाम में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो पाए |
7  महोदय विभिन्न केंद्रीय विद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय ,विभिन्न विद्यालयों एवं विभिन्न ZIET के द्वारा तैयार नोट्स के आधार पर नोट्स तैयार करके सभी छात्रो को लिखवाया |
8जोभीविद्यार्थीपढ़नेमेंकमज़ोरथेउनकानामकौंसलरकोदियागया|जिसके परिणाम स्वरुप परिणाम बहुत ही अच्छा रहा | प्री बोर्ड में 50 से कम पाने वाले छात्र 80 से उपर अंक प्राप्त किया |
 9 इसके अतिरिक्त एक अध्यापक के रूप जो कुछ भी संभव था वह मेरे द्वारा   किया|
 परन्तु अगर महोदय को लगता है कि  और भी कुछ किया जा सकता है तो उसे गया प्रार्थी को सुझाव देने की कृपा करें| जिसे प्रार्थी अपना कर्तव्य समझ कर सहृदय  स्वीकार  करेगा |
 महोदय प्रार्थीकेद्वाराजोप्रयासकियागयाउसकेफलस्वरूपहीकक्षा परिणाम में गुणात्मक रूप से सुधार हुआ  |इसके लिए  वर्ष ------ और ------- के आकडे तुलनात्मक रूप से प्रस्तुत हैं ----

2014-15
2015-16
नामांकित


उत्तीर्ण


पि आई


90-100


80-89



महोदय उपरोक्त आकड़े यह दर्शाते है कि प्रार्थी  के परिणाम में गुणात्मक सुधार हुआ है, यह सब केवल प्रार्थी के मेहनत और लगन के द्वारा ही संभव हो सका है  |
सधन्यवाद |


 दिनांक                                                           भवदीय

हिन्दी ओलंपियाड की कक्षा 8 की अभ्यास पुस्तिका

  अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड कक्षा-8 अभ्यास प्रश्न अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड कक्षा-8: महत्वपूर...